Tuesday, December 12, 2023

Shimla News: शिमला में प्रदेश का ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पूरे राज्य के आईटीएमएस और सीसीटीवी को नियंत्रित करेगा।

Himachal Local News: वल्र्ड बैंक की सहायता से शिमला के टूटी कंडी में नया ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तैयार हो रहा है। यहाँ प्रदेशभर के आईटीएमएस और सीसीटीवी कमरों को नियंत्रित किया जाएगा। वल्र्ड बैंक के समर्थन से हिमाचल प्रदेश में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जो हादसों को कम करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 50% कैजयूल्टी कम हो।

वल्र्ड बैंक के सहयोग से पुलिस विभाग को नये इंटर सेपटर वाहन और लाइफ सेविंग किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, फोर व्हीलर और दोपहिया वाहनों का भी इंतजाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शिमला और नूरपुर जिलों में आईएमएस सिस्टम शुरू किया जाएगा। आईटीएमएस सिस्टम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई होगी। टूटीकंडी में ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की शुरुआत होगी, जिससे प्रदेशभर में ट्रैफिक पर नजर रहेगी। डीआईजी टीटीआर गुरदेव शर्मा ने बताया कि हिमाचल में वल्र्ड बैंक के साथ सुधार की प्रक्रिया शुरू हो रही है। टूटीकंडी में ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का शुभारंभ होगा।


Himachal Pradesh News: मनरेगा मजदूरों ने ब्लैक डे मनाया, आर्थिक सहायता रोकने वाली अधिसूचना को रद्द करने की मांग उठाई।

Himachal Local News: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने मंगलवार को प्रदेशभर में ब्लैक डे मनाया। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड ने मनरेगा और निर्माण मज़दूरों को उनके आर्थिक लाभ से वंचित कर दिया था। इससे पहले बोर्ड ने भी निर्माण मज़दूरों के लाभों को रोकने की कई शर्तें लगाई थीं, जिसके बाद से उन्हें उनकी आर्थिक सहायता मिलने में दिक्कतें आई थीं।

श्रमिक कल्याण बोर्ड ने साढ़े चार लाख लोगों की करोड़ों रुपए की आर्थिक सहायता को रोका। इसके खिलाफ़ 12 दिसंबर को विरोध प्रकट कर ब्लैक डे मनाया। उन्होंने अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। अगले कदम के रूप में 23 दिसंबर को हर जिले में मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री और बोर्ड के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसमें सरकार से बोर्ड के रुके काम को बहाल करने का अल्टीमेटम होगा।


Himachal News: विद्युत बोर्ड में 8,000 पद रिक्त, प्रत्येक कर्मचारी के पास 25 से 30 ट्रांसफार्मर की जिम्मेदारी।

Himachal Local News: विद्युत बोर्ड में वर्तमान में आठ हजार के पास पद खाली हैं। खाली पदों के कारण कर्मचारियों को ज़्यादा काम करना पड़ रहा है। हर कर्मचारी को 25-30 ट्रांसफार्मर का जिम्मा है। यहाँ तक कि स्वीकृति के बावजूद बोर्ड में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया नहीं हो रही है। यह सब जानकरी हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा ने बैठक में दी। विभाग द्वारा लगभग 1000 पदों की भर्ती की मांग की गई है, लेकिन अभी तक इस प्रक्रिया को आरंभ नहीं किया गया है।







विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की भारी कमी होते हुए भी 26 लाख उपभोगताओं को सही विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। बोर्ड में कर्मचारियों की अत्यधिक उम्र और कमी के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। पिछले दिनों, हेल्पर के पदों पर कार्यरत कर्मचारी अब सहायक लाइनमैन व उपकेंद्र सहायक बनाए गए हैं, जिससे 1500 पद खाली हो गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने नई भर्ती प्रक्रिया की मांग की है ताकि बोर्ड में जल्द से जल्द नई कर्मचारियों की भर्ती हो सके।













Monday, December 11, 2023

Himachal Pradesh News: आज सुक्खू सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार होगा, जिसमें दो नए मंत्री शपथ लेंगे। इसके साथ ही, विभागों का बंटवार और कई बदलाव भी तय होने की संभावना है।

Himachal Local News: प्रथम मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सुक्खू सरकार के दो नए मंत्री, राजेश धर्माणी और यादवेंद्र गोमा, आज शपथ लेंगे। इन मंत्रियों के जुड़ने से किए जा रहे हैं विभागीय बदलाव। राजभवन में होगी शपथ समारोह। धर्माणी ने मुख्यमंत्री के पास भूमिका निभाई है और यह उनका तीसरा विधायक चुनाव है।


सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल का होगा विस्तार

राजभवन में तैयारियाँ चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने इन दोनों को शिमला बुलाया है। कांगड़ा में अच्छी रैली के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय लिया गया है। राजेश धर्माणी मुख्यमंत्री के करीबी हैं और वह तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। पूर्व वीरभद्र सरकार में सीपीएस रह चुके हैं। बिलासपुर जिले से अभी सुक्खू सरकार में कोई भी मंत्री नहीं है।


Himachal News: 2030 के बाद बीएड डिग्रीधारों को नौकरी कैसे मिलेगी, इस पर मंथन शुरू हुआ है। प्रदेश में बीएड पाठ्यक्रम में जल्द बदलाव की संभावना।

Himachal Local News: जल्द होगा बीएड पाठ्यक्रम का बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत। चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम के बाद टीजीटी व लेक्चरर के लिए भर्ती नियमों में बदलाव होने की संभावना है। यदि यह नियम एक साथ लागू होता है तो पहले बीएड की डिग्री वाले व्यक्ति नौकरी से वंचित हो सकते हैं।

नौकरी के लिए नए शैली के नियमों से कई लोगों को अपात्र होना पड़ सकता है। इसे प्रदेश में डिग्री की मान्यता पर भी असर पड़ सकता है। शिक्षा विभाग ने इस पर विचार करने के लिए मंथन शुरू किया है। इस पर विचार करते हुए, विभाग ने नई नीति की सभी दिशानिर्देशों की जांच शुरू की है। सचिव शिक्षा राकेश कंवर की अध्यक्षता वाली बैठक में इस पर विचार किया गया था। विधि विभाग से आपात विचार किया जा रहा है। डिग्रीधारकों की अधिक संख्या को लेकर विधि विभाग से सलाह ली जाएगी। इन्हें पात्र बनाने के लिए क्या उपाय अच्छे होंगे, इस पर विचार किया जा रहा है। क्या इन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाए या कोई और विकल्प चुना जाए? इस दिशा में विधि विभाग की राय पर ही आगे की कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, विभाग चार वर्षीय बीएड डिग्री कार्यक्रम की भी शुरुआत करने की योजना बना रहा है।

जल्द ही प्रदेश में बीएड का पाठ्यक्रम भी बदला जाएगा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रदेश में बीएड को बदला जाएगा। विभाग बहुत से नियमों में बदलाव करना चाहेगा, जैसे टीजीटी और लेक्चरर की भर्ती और पदोन्नति में। यह तमाम प्रक्रियाएं समय लेंगी। अगर विभाग तुरंत नियमों को लागू कर देता है, तो पहले से बीएड किये लोग नौकरी से महरूम हो सकते हैं। स्कूलों में ऐसी बहुत रिक्तियाँ नहीं हैं जो सभी को एक साथ नौकरी दे सकें।























Himachal Pradesh News: आज HPU द्वारा निष्कासित 12 छात्रों के भविष्य पर सुनवाई होगी, जिन्होंने हिंसक झड़प की थी उन्हें परीक्षा में एंट्री नहीं मिली थी।

Himachal Local News: 12 छात्रों के निष्कासन के मामले पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आज अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक है। बीस नवंबर को एसएफआई और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने 12 छात्रों को निष्कासित किया था। एसएफआई ने मांग उठाई है कि छात्रों को वापिस लिया जाए।

SFI ने निष्कासन को वापस लेने की मांग की

एसएफआई ने मांग उठाई है कि छात्रों को निष्कासन को वापिस लिया जाए, ताकि ये छात्र पीजी की परीक्षाओं में बैठ सकें, लेकिन एचपीयू प्रशासन ने इन छात्रों के निष्कासन को वापिस नहीं लिया है। आज की बैठक में मामले पर चर्चा होगी।

HPU में शुरू हुई स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षा 

स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। सोमवार को प्रदेश में स्थापित 30 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षाएं हो रही हैं। कुछ छात्रों के रोल नंबर गलत जनरेट हो गए थे, जिन्होंने उन्हें पुन: जनरेट कर लिया है और अब वे परीक्षाओं में बैठ सकते हैं।

क्यों निष्काषित हुए थे छात्र?

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बीस नवंबर को एसएफआई और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें चार छात्र नेताओं के चोटें आई थी। एनएसयूआई के लोगों ने एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर तेज धार हत्यारों से हमला किया। इसमें एसएफआई के लोगों के शरीर में गहरी चोटें आई हैं। मामले पर कार्रवाआ करते हुए विवि ने 12 छात्रों को निष्काषित कर दिया था। आज इन्हीं छात्रों के भविष्य को लेकर सुनवाई होगी।

एमए शिक्षा की परीक्षाएं अब फरवरी में, बीटैक की डेटशीट जारी

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने एमए शिक्षा के पहले सत्र की परीक्षाओं के लिए जारी डेटशीट को वापस ले लिया है। अब ये परीक्षाएं फरवरी महीने में आयोजित की जाएंगी। छात्र ने परीक्षाओं की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की थी, इसलिए प्रशासन ने ये फैसला लिया है। इसके अलावा, बीटैक के पहले, तीसरे और सातवें सत्र की डेटशीट भी जारी कर दी गई है। इन परीक्षाओं का आयोजन 19 दिसंबर से 3 जनवरी तक होगा।





Himachal News: हिमाचल में गेहूं बीज की मांग बढ़ी, किसानों को सब्सिडी पर एक रुपये की कटौती की सूचना।

Himachal Local News: कृषि विभाग ने किसानों को सब्सिडी पर एक रुपए की कटौती के साथ पांच किस्मों का बीज दिया।

हिमाचल के किसानों को इस सीजन में गेहूं बीज की खरीद पर नुकसान हुआ है। इस बार बीज सबसिडी में एक रुपए की कटौती की गई है, जिससे पहले से भी थोड़ी कम सब्सिडी मिल रही है। इससे पहले गेहूं के बीज पर 16 रुपए की सबसिडी दी जाती थी, लेकिन अब यह 15 रुपए हो गई है। वर्तमान में हिमाचल में किसानों को गेहूं के दाम तय करते समय 32 रुपए की सबसिडी दी जा रही है, जबकि पहले इसमें 16 रुपए सबसिडी थी। इस बार के सीजन में किसानों को साढ़े 16 रुपए की जगह पर 15 रुपए की सबसिडी मिल रही है। कुल्लू जिले में 1136 क्विंटल गेहूं की खपत हो चुकी है, जो इस निर्णय के प्रभाव को दर्शाती है। यह बदलाव किसानों के लिए मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने का कारण बन सकता है।

इस सीजन में किसानों की गेहूं बीज की मांग में बढ़ोतरी हुई है। पहले, 615 क्विंटल गेहूं बीज की डिमांड होती थी, जो पांच अलग-अलग ब्रांड के बीजों की सप्लाई करती थी। कृषि विभाग, किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए, बीज की सप्लाई को विभागीय केंद्रों में नियमित बनाए रख रहा है। कुल्लू जिले में इस बार गेहूं के बीज की मांग पिछले सालों की तुलना में अधिक है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि घाटी के किसानों ने अपने खेतों में तैयार गेहूं का बीज बोना सुरक्षित नहीं किया है। इसके कारण, बीज की बदहाली और उत्पादन में कमी है। किसान अब कृषि विभाग से मान्यता प्राप्त बीज खरीद रहे हैं, जिनमें डीबीडब्ल्यूडी 88, डीबीडब्ल्यूडी 222, डब्ल्यूएस 1105, और एनएफएस 88 के विभिन्न वेरायटीज शामिल हैं। इससे गेहूं बीज के आपूर्ति में वृद्धि हुई है।






































Kangra News: 18 छात्रों को नौकरी मिली, श्री साई यूनिवर्सिटी कैंपस में प्लेसमेंट ड्राइव में 230 छात्रों ने अपनी किस्मत आजमाई।

Himachal Daily News :  श्री साई यूनिवर्सिटी कैंपस में पीवीएच अरविंद फैशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की मदद से प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गय...